सूखा और ओलावृष्टि से फसल हुई बर्बाद? PMFBY योजना से मिलेगा किसानों को पूरा मुआवजा

सूखा और ओलावृष्टि से फसल हुई बर्बाद? PMFBY योजना से मिलेगा किसानों को पूरा मुआवजा

किसान भाइयों के लिए राहत की खबर! प्राकृतिक आपदाओं से बर्बाद हुई फसल का पूरा मुआवजा अब मिलेगा जल्दी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सरकार ने प्रक्रिया को आसान बनाया है। ओलावृष्टि, सूखा या बाढ़ से नुकसान होने पर तुरंत क्लेम कर सकते हैं। जानिए कैसे मिलेगा मुआवजा और कब आएगा पैसा आपके खाते में।

ओलावृष्टि का मुआवजा कब मिलेगा?

ओलावृष्टि से फसल खराब होने पर 72 घंटे के अंदर सूचना देनी होगी। इसके बाद 15 दिन में सर्वे होगा और 30 दिन में मुआवजा मिलेगा। किसान को टोल फ्री नंबर 1800-180-1111 पर कॉल करना होगा। फोटो और वीडियो के साथ ऑनलाइन क्लेम भी कर सकते हैं। पटवारी से रिपोर्ट बनवाना जरूरी है। स्थानीय कृषि अधिकारी को सूचित करें।

PMFBY पोर्टल पर डायरेक्ट अप्लाई कर सकते हैं। मोबाइल ऐप से भी शिकायत दर्ज होती है। बीमा कंपनी के प्रतिनिधि खेत का मुआयना करेंगे। नुकसान का आकलन तकनीकी टीम करेगी। 33% से ज्यादा नुकसान पर पूरा क्लेम मिलेगा। कम नुकसान पर आनुपातिक राशि मिलेगी।

फसल बीमा का पैसा कब मिलेगा 2025 में?

खरीफ 2024 का बीमा क्लेम मार्च 2025 तक मिल जाएगा। रबी 2025 की फसल का पैसा जुलाई-अगस्त में आएगा। सरकार ने प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। डिजिटल क्रॉप सर्वे से समय कम होगा। सैटेलाइट इमेजिंग से नुकसान का पता जल्दी चलेगा। बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर होगा पैसा।

कृषि मंत्रालय ने टाइमलाइन तय की है। देरी पर बीमा कंपनी पर पेनाल्टी लगेगी। किसान क्रेडिट कार्ड होल्डर्स को प्राथमिकता मिलेगी। ऑटो क्लेम सेटलमेंट की व्यवस्था शुरू हुई है। मौसम डेटा के आधार पर स्वत: भुगतान होगा। शिकायत के लिए जिला स्तर पर समिति बनी है।

फसल खराब होने पर किसानों को क्या मुआवजा मिलता है?

फसल की पूरी लागत और 20% अतिरिक्त लाभ का मुआवजा मिलता है। प्रति हेक्टेयर ₹25,000 से ₹75,000 तक मिल सकता है। फसल के प्रकार पर राशि निर्भर करती है। गेहूं के लिए ₹30,000 और कपास के लिए ₹50,000 प्रति हेक्टेयर मिलता है। सब्जी और फल की फसल पर ज्यादा मुआवजा है।

प्रीमियम राशि बहुत कम है – खरीफ में 2% और रबी में 1.5%। बागवानी फसलों पर 5% प्रीमियम है। बाकी राशि सरकार देती है। 100% नुकसान पर पूरी बीमा राशि मिलती है। आंशिक नुकसान पर अनुपातिक भुगतान होता है। प्राकृतिक आपदा के अलावा कीट-रोग भी कवर हैं।

बीमा का पैसा आने में कितना समय लगता है?

सामान्य परिस्थिति में 45-60 दिन लगते हैं। त्वरित क्लेम पर 30 दिन में पैसा आ जाता है। मौसम आधारित बीमा में 15 दिन लगते हैं। व्यक्तिगत नुकसान के केस में 1 महीना लगता है। डॉक्यूमेंट पूरे होने पर जल्दी मिलता है। ऑनलाइन क्लेम तेजी से प्रोसेस होता है।

एडवांस क्लेम की सुविधा भी है जिसमें 25% राशि तुरंत मिलती है। बाकी सर्वे के बाद मिलता है। आधार लिंक खाते में पेमेंट फास्ट होता है। ग्राम पंचायत स्तर पर कैंप लगते हैं। कॉमन सर्विस सेंटर से भी मदद मिलती है।

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Disclaimer: यह जानकारी सरकारी योजना के नवीनतम दिशानिर्देशों पर आधारित है। राज्यवार नियमों में अंतर हो सकता है। मुआवजे की राशि और समय सीमा परिस्थितियों पर निर्भर करती है। विस्तृत जानकारी के लिए स्थानीय कृषि विभाग से संपर्क करें।